फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाली शिक्षिका को 7 साल की सजा, 30 हजार का जुर्माना

कन्नौज/छिबरामऊ: फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वाली शिक्षिका को 7 साल की कैद और 30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। प्रदेशभर में शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन के दौरान कई मामले सामने आए, जिनमें कन्नौज की एक शिक्षिका के पीलीभीत में शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए।

फर्जी दस्तावेजों से मिली थी नौकरी

नगर पालिका परिषद छिबरामऊ के मोहल्ला सुभाष नगर निवासी विनोद गुप्ता की बेटी क्षमा गुप्ता को पीलीभीत जिले के पं. देवदत्त शर्मा जनता इंटर कॉलेज, बरखेडा में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त किया गया था।

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जांच में हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

वर्ष 2022 में जिला विद्यालय निरीक्षक ने कॉलेज के प्रबंधक और प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि आरोपित शिक्षिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए।

कोर्ट ने सुनाई सजा

मामले की सुनवाई पीलीभीत न्यायालय में जज अमित यादव ने की। जांच और सुनवाई के बाद शिक्षिका क्षमा गुप्ता को दोषी करार दिया गया और 7 साल कैद के साथ 30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।

Edited By: Parakh Khabar

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